

इराक, इजराइल और गाजा में चल रहे अशांत माहौल और हिंसा को लेकर तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने पहली बार अपना बयान जारी किया है। उन्होंने इन देशों में चल रही अहिंसा पर दुख व्यक्त किया है।
कालचक्र से वापस धर्मशाला लौटने के बाद धर्मगुरु ने कहा कि इराक, इजराइल और गाजा में इस्लाम, बौद्ध, हिंदू, जैन, ईसाई आदि विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं।
ये सभी धर्म हमें प्यार, दया, क्षमा, सहनशीलता और भाईचारे का संदेश देते हैं। अगर इन धर्मों को मानने वाले लोग ऐसे अहिंसक कृत्यों में संलिप्त हैं तो यह बहुत ही दुख वाली बात है।
धर्म के नाम पर इस तरह की लड़ाइयों और अहिंसा का होना बहुत दुखद है। उन्होंने इस हिंसा पर खेद जताया और इसके जल्द रुकने की कामना की।
